“2 मिनट का खाना या 20 साल की मार्केटिंग? | Nestlé का पूरा सच ।
"क्या आप उस फ़ूड कंपनी पर भरोसा करेंगे जिसकी सबसे मशहूर प्रोडक्ट को एक समय पूरे देश में बैन कर दिया गया था — और जिसने उसी प्रोडक्ट से फिर से भारत का दिल जीत लिया ? जब नॉस्टेल्जिया , रेगुलेशन , प्रॉफिट और पब्लिक हेल्थ टकराते हैं , तब क्या होता है ? आज हम परदा उठाने जा रहे हैं Nestlé India पर — उसकी ऊँचाइयों , गिरावटों और उन फैसलों पर जो तय करते हैं कि आपकी किचन में रखे नूडल्स और कॉफी कहाँ से आते हैं और कौन बनाता है ।" "आपको इसकी परवाह क्यों करनी चाहिए ? क्योंकि Nestlé India सिर्फ एक विदेशी कंपनी नहीं है जो बिस्किट बेचती है — ये एक ऐसी संस्था है जो करोड़ों घरों की खाने की आदतों , सप्लाई चेन और छोटे दुकानदारों की अर्थव्यवस्था को आकार देती है । जब इतनी बड़ी कंपनी डगमगाती है , तो ये सिर्फ बिजनेस न्यूज़ नहीं — बल्कि एक नेशनल कहानी बन जाती है । और जब ये कंपनी वापसी करती है , तो ये बताती है कि भरोसा और रेगुलेशन असल में कैसे काम करते हैं । सोचिए — एक सिंगल प्रोडक्ट रिकॉल सैकड़ों करोड़ों का नुकसान कर सकता है , और लोगों की “फूड सेफ्टी” की सोच बदल सकता है । क्या ...